क्रेडिट कार्ड क्‍या होता हैं 2024

क्रेडिट कार्ड क्या है? देखिए आज हर कोई चाहता है कि हमारे पास एक क्रेडिट कार्ड होता, तो हम अपने जरूरत के जो भी चीज हैं. उसको बहुत ही आसानी से पूरा कर पाते. इसलिए इस लेख में हम आप लोगों के लिए क्रेडिट कार्ड की कंपलीट इनफॉर्मेशन लेकर आए हैं. जिसमें इसके फायदे और नुकसान तथा इसके प्रकार के बारे में भी इनफॉर्मेशन देंगे. जिससे आपको यह समझने में बहुत ही आसानी होगा, कि आपके लिए क्रेडिट कार्ड कितना ज्यादा मददगार साबित हो सकता है. इसे कैसे यूज करना चाहिए इन सभी चीजों की इनफार्मेशन आपको यहां पर हम देंगे.

वैसे लोग जिनका सिबिल स्कोर बहुत ही अच्छा होता है. उन लोगों को बैंकों द्वारा आसानी से क्रेडिट कार्ड ऑफर किया जाता है. जिसमें उनका क्रेडिट लिमिट दिया जाएगा. जैसे आपके पास एक डेबिट कार्ड होता है. ठीक उसी प्रकार का एक क्रेडिट कार्ड भी बैंक द्वारा जारी किया जाता है. 

लेकिन आपको इन दोनों में कुछ अंतर को भी समझना होगा. डेबिट कार्ड में आपके खाता पर पैसा होगा, तभी उसका उपयोग करके काम करेंगे. लेकिन क्रेडिट कार्ड में आपको पहले से पैसा जमा करना नहीं होता है. बल्कि आपके कार्ड पर मान लीजिए 35000 का लिमिट है. तब आपके पास क्रेडिट कार्ड के रूप में 35000 रुपए की राशि उपलब्ध है. आप उसको जहां चाहे, वहां ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से उपयोग कर पाएंगे. यह एक उदाहरण से हम आपको समझ रहे हैं.

क्रेडिट कार्ड क्या होता है

अब मान लीजिए कि आपके पास पैसा नहीं है तथा आपको किसी चीज की खरीदारी करने की आवश्यकता है. तब यदि आपके पास क्रेडिट कार्ड उपलब्ध है. तब बिना पैसा के भी वहां पर जो भी आपका जरूरत का समान है. उसको खरीद पाएंगे. लेकिन इसका जो बिल होगा, वह एक किसी खास निश्चित तारीख पर जनरेट होगा. जिसके बाद आपको 15 दिन के अंदर उसका सारा जो भी अमाउंट होगा. जमा करना पड़ेगा. 

Credit Card Kya Hai - क्रेडिट कार्ड

मान लीजिए आज आपको एक क्रेडिट कार्ड किसी बैंक द्वारा जारी कर दिया जाता है. उसके बाद उसे आप इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे. तब आपके पेपर पर लिखा होगा कि आपके क्रेडिट कार्ड का बिल किस तारीख को जनरेट किया जाएगा. उसके बाद से 15 दिन का समय मिलेगा. जिसका मतलब है कि 45 दिन के अंदर आप जितना भी राशि खर्च करते हैं, उस राशि को जमा करना पड़ेगा.

क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है

वैसे तो यह सभी लोगों को आसानी से नहीं मिल पाता. क्योंकि जिनके पास कुछ इनकम प्रूफ होगा. उन्हीं लोगों को बैंकों द्वारा ऑफर किया जाएगा. यदि आप किसी बैंक या किसी भी ऑर्गेनाइजेशन से लोन लिए हैं. तब आपका यदि सिबिल स्कोर 700 के ऊपर होगा, तभी आपको बैंक क्रेडिट कार्ड देने के लिए ऑफर करेगा.

उसके बाद इसके उपयोग करने से आपकी परेशानी शुरू होती है. जैसे आप जितना ज्यादा इसका उपयोग करेंगे. उतना ही ज्यादा आप उसके अमाउंट को खर्च करते चले जाते हैं. मान लीजिए कि आज से आप उपयोग करना शुरू कर दिए हैं. अब जब आपका बिल बनने वाला है. उस दिन तक जितना पैसे आप खर्च कर देते हैं. उतना का बिल उस दिन बन जाता है. उसके बाद आपको 15 दिन का समय मिलेगा.

उस समय के अंदर पूरी राशि आपको जमा करनी होती है. यदि इन राशि को आप जमा नहीं करते हैं. तब पर डे बहुत ही ज्यादा यहां पर चार्ज लगाया जाता है. इस तरह से यदि समय से पैसों को जमा नहीं करते. तब आपके ऊपर बहुत ही ज्यादा बाउंस चार्ज लगाया जाता है, तथा आपका सिबिल स्कोर भी डाउन हो जाएगा. इस तरह से यह पूरा कार्य पद्धति इसका चलता है.

क्रेडिट कार्ड के प्रकार

क्रेडिट कार्ड हम अलग-अलग कार्यों के लिए इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपको जानकारी है कि इसका अलग-अलग प्रकार का होता है. अलग-अलग ऑनलाइन वर्क के लिए डिफरेंट होता है. जिससे आप शॉपिंग, ऑनलाइन टिकट बुकिंग, रिचार्ज आदि आसानी से करके अपने पैसे भी बचा पाएंगे. भारत के वित्तीय बाजार में हर दिन नए-नए फीचर्स और वेरिएंट के साथ वित्तिय कार्ड को लांच किया जा रहा है. जिसे चुने से पहले आपको उसके बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है. जिसमें फीचर्स, कार्ड लिमिट और वेरियंट अलग-अलग प्रकार का होता है.

वैसे तो क्रेडिट कार्ड कई अलग-अलग तरह के होते हैं. जिनमें से कुछ प्रमुख के बारे में हमने इस लेख में जानकारी दी है. वैसे अगर वित्तीय कार्ड लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले उसके फीचर्स उसकी खासियत के बारे में जानकारी प्राप्त करें कि उसको लेने से आपको किस तरह से फायदा होगा. किस चीज के लिए उसको यूज कर सकते हैं. किस चीज को खरीदने पर कैशबैक या रिवॉर्ड पॉइंट मिल सकते हैं.

1. एयरलाइन वित्तिय कार्ड

इसमें फ्लाइट से यात्रा करने के लिए बुकिंग का एक अलग ही सुविधा दिया जाता है. इससे फ्लाइट का टिकट बुकिंग करने पर आपको बोनस प्वाइंट, रीवार्ड्स प्वाइंट, कैशबैक मिलता है. अगर विदेश में किसी को लेनदेन विदेशी मुद्रा में करते हैं, तो उस पर भी छूट मिलता है. होटल बुकिंग करने पर छूट मिलता है.

2. यात्रा क्रेडिट कार्ड

इसे ट्रेवल के लिए इस्‍तेमाल किया जाता हैं. जैसे कि ट्रेन टिकट बुकिंग, बस  टिकट बुकिंग, हवाई जहाज  टिकट बुकिंग, होटल बुकिंग आदि. इससे बुकिंग करने से आकर्षक लाभ के साथ बोनस प्वाइंट, रीवार्ड्स प्वाइंट, कैशबैक मिलता हैं.

3. शॉपिंग क्रेडिट कार्ड

अलग-अलग बैंकों द्वारा शॉपिंग के लिए एक अलग ही क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता है. जिसमें ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह के शॉपिंग के लिए यूज कर पाएंगे. जिससे शॉपिंग पर कैशबैक और डिस्काउंट प्राप्त होगा.

4. स्टूडेंट वित्तिय कार्ड

अगर पढ़ने वाले छात्र हैं. वह अपनी कुछ जरूरत के लिए क्रेडिट कार्ड लेना चाहते हैं, तो उनके लिए यह सबसे बेस्ट होगा. क्योंकि इसे छात्रों के लिए ही बनाया गया हैं.  यह अधिकतर कॉलेज या यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों को दिया जाता है. जो छात्र पढ़ाई करने में स्टैंडर्ड अफॉर्डेबल नहीं कर पाते हैं. वह इस कार्ड का उपयोग कर सकते हैं. क्योंकि इसमें उन्हें कम शुल्क और बेहतर क्रेडिट लिमिट के साथ मिलता हैं.

5. फ्यूल क्रेडिट कार्ड

अधिकतर लोगों को बाहर गाड़ी से ही आना जाना रहता हैं. जिन्हें ज्यादा बाहर कार्य करना हैं. उनके लिए यह बेहतर होगा. क्योंकि इससे किसी भी पेट्रोल पंप पर फ्यूल खरीदने पर कैशबैक, ऑफर और रिवॉर्ड पॉइंट प्राप्त होता हैं. उस कैशबैक और रिवॉर्ड को दोबारा फ्यूल भरवाने के लिए इस्तेमाल में ले सकते हैं.

क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें

यह जो नए लोग होते हैं. उनको इसके विशेष नियम एवं शर्तों को समझना जरूरी है. नहीं तो आप बुरी तरीके से इसमें फंस जाएंगे. फिर आप कर्ज से परेशान हो जाएंगे. नए लोग अक्सर यह गलती करते हैं कि उनको कार्ड मिल जाता हैं. तब उनको लगेगा कि अब हमारे पास बहुत पैसा है और उसका गलत तरीके से इस्तेमाल करने लगेंगे. जिसके बाद जो भी पैसा होगा, उसको खर्च कर देंगे. जब उनका बिल जेनरेट होगा.

तब उनको यह भी पता नहीं रहता हैं कि कब हमें पैसा जमा करना होता हैं. जिसके कारण उनके ऊपर बैंक अपने नियम के हिसाब से पेनल्टी लगना शुरू कर देता हैं. इसीलिए आपको इन सारी चीजों को समझना होगा. नियम एवं शर्ट को पढ़ना होगा. तभी आप सही तरीके से वित्तिय कार्ड का उपयोग कर पाएंगे. नहीं तो आपके ऊपर इसका बहुत ही ज्यादा बोझ बढ़ सकता हैं. क्योंकि जब तक इसके नियम एवं शर्ट को नहीं समझेंगे. तब तक आप मुश्किल में पड़ सकते हैं.

उदाहरण के लिए अधिकतर लोगों को पता नहीं होता, कि हम अधिक कैश का निकासी क्रेडिट कार्ड से करेंगे, तो उस पर लगभग 500 से ऊपर का चार्ज लगेगा. जिस पर जीएसटी भी लगाया जाएगा. ऐसे ही कई चीजे हैं, जिनको आपको जानना जरूरी हैं. नहीं तो कई हाइडेन चार्ज भी होता हैं. जिसके बारे में आप नहीं जानते होंगे और आपके ऊपर उसका पेनल्टी लगा दिया जाता हैं.

क्रेडिट कार्ड का लाभ

कभी-कभी आदमी मुश्किल में होता है. उस समय उसको कैश की आवश्यकता होती है. लेकिन जब उसके पास क्रेडिट कार्ड मौजूद रहता है, तो वह बहुत ही आसानी से अपने समस्याओं से निकल पाता है. क्योंकि उस समय उसको किसी से पैसा मांगना नहीं पड़ता. क्योंकि क्रेडिट कार्ड से उसका मदद हो जाता है. उदाहरण देकर हम आपको इसके फायदा बताते हैं. मान लीजिए अचानक कभी किसी का तबीयत खराब हो जाए. उस समय पैसा नहीं है. तब आपका क्रेडिट कार्ड आपको ज्यादा वहां पर फायदा पहुंचाएगा.

क्योंकि उससे आप जो भी बीमार व्यक्ति होंगे, उसका सही तरीके से इलाज हॉस्पिटल में करवा पाएंगे. क्योंकि आज के समय में ऑनलाइन हर जगह पर पेमेंट की सुविधा उपलब्ध है. जहां पर ऑनलाइन पेमेंट से दवा खरीद पाएंगे तथा जो भी इलाज की ज़रूरतें होगी. उस आवश्यकताओं को पूरी कर पाएंगे, तो वित्तिय कार्ड के ऐसे समय पर सही तरीके से उपयोग करना भी लोगों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है. लेकिन इसके जो भी लाभ है, उसका सही तरीके से उपयोग करेंगे, तो आपको बहुत ज्यादा फायदा ही होगा.

क्रेडिट कार्ड का नुकसान

इसके कई नुकसान हैं. जैसे इसका सबसे ज्यादा दुरूपयोग लोग करना शुरू कर देते हैं. जैसे एक कहावत है कि जब हमारे पास बहुत ज्यादा पैसा होता है. तब उसका हम दुरुपयोग करने लगेंगे. वही कहावत सटीक आपके क्रेडिट कार्ड के नुकसान में भी बैठता है. क्योंकि एक बार आपके पास कार्ड मिल जाता है. तब बैंकों द्वारा यदि आपका सिविल स्कोर अच्छा होगा, तो कई वित्तिय कार्ड ऑफर होने लगेंगे. फिर आप लालच में पड़कर कई ऑफर को स्वीकार कर लेंगे. 

जिसके बाद अब आपका जो खर्च हैं वह लिमिट से बाहर हो जाएगा. अब धीरे-धीरे आप खर्च करके पूरा उसका लिमिट समाप्त कर देते हैं. इसके बाद जब उसका बिल जेनरेट होगा. तब आपके सामने समस्या खड़ा होगी कि अब जो भी राशि जमा करना हैं. वह बहुत ही ज्यादा हो गया हैं. यदि आप नौकरी व्यापार करते हैं. आपका सैलरी कम होगा. लेकिन उससे ज्यादा आप क्रेडिट कार्ड पर खर्च कर चुके हैं. अब आपको उस राशि को 15 दिन के अंदर जमा करना होगा. अब आपका समस्या वहां से खड़ा होगा. 

आप समय पर पूरी राशि जमा नहीं कर पाते. जिसके कारण जो भी खर्च किए गए पैसे हैं. उसको लोन के रूप में आपको कन्वर्ट करना पड़ेगा. जिस पर ब्याज अधिक लगेगा तथा आपके ऊपर दबाव बनना शुरू हो जाएगा. ऐसे ही बार-बार आप उसके चक्कर में पड़ जाएंगे. धीरे-धीरे आपके लोन का अमाउंट बढ़ते चला जाएगा. आप कर्ज में डूबने लगेंगे, तो क्रेडिट कार्ड का यह बहुत बड़ा नुकसान हैं. यह हम अनुभव के आधार पर आपको बता रहे हैं. ऐसा कई लोगों के साथ होता हैं. क्योंकि जो लोग सतर्क नहीं होते, उनको नुकसान उठाना ही पड़ेगा.

सारांश

आशा करते हैं कि क्रेडिट कार्ड के बारे में दी गई जानकारी आपको जरूर अच्छा लगा होगा. क्योंकि हम इस लेख में आपको कंप्लीट रियल इनफॉर्मेशन अपने अनुभव के आधार पर देने का प्रयास किए हैं. जिसमें नुकसान, फायदे एवं इसके प्रकार, काम करने की प्रणाली इत्यादि के बारे में सब कुछ बताया हैं. यह आपके लिए बहुत ही ज्यादा लाभकारी हो पाएगा. क्योंकि इससे आपको यह गाइड मिलेगा कि किस तरह से कैसे इन सभी चीजों का उपयोग करना चाहिए.

सवाल जवाब

Q1. क्रेडिट कार्ड कौन जारी करता है?

Ans. भारत के जितने सरकारी या प्राइवेट बैंक हैं. उनके द्वारा आरबीआई के गाइडलाइन के अनुसार क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता हैं.

Q2. क्रेडिट कार्ड कौन ले सकता है?

Ans. जिनके पास नियमित इनकम होगा. उन्हें ही बैंकों द्वारा दिया जाएगा. जैसे व्यापार, नौकरी या अन्य माध्यमों से आप यदि हर महीने नियमित राशि कमाते हैं. तब आपके सिबिल स्कोर के आधार पर क्रेडिट कार्ड जारी होता हैं.

Q3. क्रेडिट कार्ड का मतलब क्या होता है?

Ans. इसका मतलब यह होगा कि आपको पहले पैसा नहीं जमा करना है. लेकिन आप पहले इसका खर्च कर सकते हैं. उसके बाद आपको पैसा चुकाना होता है.

Q4. क्या मेरी क्रेडिट कार्ड लिमिट बाद में बढ़ सकती है?

Ans. यदि आप सही तरीके से इसका उपयोग करेंगे. आपका सिबिल स्कोर अच्छा रहेगा, तो 6 महीना, 1 साल के बाद आपका लिमिट जरूर बढ़ जाएगा.

Q5. क्या क्रेडिट कार्ड का बिल भुगतान न करने पर ब्याज लगता है?

Ans. बिल्कुल बहुत ही ज्यादा ब्याज पेनल्टी के साथ लगेगा. आपका सिविल स्कोर भी गिर जाएगा. इसीलिए इसका विशेष ध्यान रखें.

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