मनी मैनेजमेंट क्या हैं? इसे कैसे करें पूरी जानकारी

What is Money Management? सबसे पहले मनी मैनेजमेंट का मतलब हम लोग समझते हैं। मनी मैनेजमेंट दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है, मनी प्लस मैनेजमेंट। 

मनी शब्‍द का मतलब पैसा होता है। मैनेजमेंट शब्‍द का मतलब प्रबंधन प्रणाली होता है। पैसा ऐसा चीज है, जिसको यदि सही तरीके से मैनेज नहीं किया जाए, तो बहुत दिक्‍कत हो सकता हैं। इसीलिए मनी को सही तरीके से मैनेज करना चाहिए।

इसलिए अगर आप चाहते हैं कि अपने पैसों को सही तरीके से मैनेज करें, तो आपको इस लेख को पूरा जरूर पढ़ना चाहिए। क्योंकि हम इस लेख में आपको मनी मैनेजमेंट क्या है? इसको कैसे अच्छे तरीके से मैनेज कर सकते हैं। उसके बारे में पूरी जानकरी देगें। जिससे आप अपने पैसों को सही जगह पर उपयोग कर सकते हैं।

क्योंकि जीवन में पैसा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। पैसा ही एकमात्र ऐसा साधन है, जिससे हम अपने जीवन में हर प्रकार के सुख सुविधाओं का व्यवस्था करते हैं। इसीलिए इसको सही तरीके से मैनेज करना भी हमें सीखना चाहिए।

मनी मैनेजमेंट क्या हैं?

मनी मैनेजमेंट पैसे को मैनेज करने का एक तरीका है। जिसमें हम पैसा कब खर्च करना चाहिए, कितना खर्च करना चाहिए, उसके बारे में सीखते हैं।जितना हम कमाते हैं। उसमें से कितना पैसा हमें किस कामों के लिए खर्च करना चाहिए। इन सभी चीजों के बारे में सीखने की कला को मनी मैनेजमेंट कहते हैं। 

जितना हम कमाते हैं। उसमें से कितना पैसा हम बच्चों के पढ़ाई पर खर्च करना चाहिए? कितना पैसा घर में खाद्य पदार्थ के सामानों पर खर्च करना चाहिए?

कितना पैसा हम अपने भविष्य के लिए बचा कर रखना चाहिए? अनाथ लोगों के लिए दान में देना करना चाहिए? है इसके बारे में हम नीचे आपको उदाहरण देकर बताने वाले हैं। 12 महीने चलने वाला बिजनेस कौन सा है.

Money Management in Hindi - मनी मैनेजमेंट

यहां एक उदाहरण हैं

यदि कोई व्यक्ति हर महीने 10000रू कमाता है, तो उस 10000 रू को किस तरह से खर्च करना चाहिए। उसके लिए एक प्लान बनाना चाहिए। 

अपनी पूरी कमाई का कुछ परसेंट पैसा बच्चों के पढ़ाई में खर्च करना चाहिए। कुछ पैसा खाने-पीने एवं घर मकान के जरूरी चीजों के लिए खर्च करना चाहिए। अपनी पूरी कमाई के 20 परसेंट पैसा भविष्य के लिए जमा करना चाहिए। 10 परसेंट पैसा गरीब अनाथ मजबूर लोगों के लिए दान करना चाहिए। उसकी सहायता के लिए लगा देना चाहिए। 

शेष पैसा अपने घर, परिवार, दवाई एवं घर के मरम्मत, शादी विवाह, उत्सव, में खर्च करने के लिए रखना चाहिए। घर में जरूरी अन्य संसाधन जैसे की वाहन इत्‍यादि में खर्च करना चाहिए। मनी मैनेजमेंट के विशेष गुण एवं बारीकियों को सीखने के लिए हमने नीचे कुछ अलग अलग तरह के उदाहरण दिया हैं।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पैसा हर व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी है। बिना पैसे के इंसान कभी भी कुछ कर नहीं सकता हैं। जहां एक तरफ पैसा हमारे भविष्य को सुरक्षित करने करता है, वही हमारे वर्तमान की जरूरतों को भी पूरा करता है। 

मनी मैनेजमेंट का परिभाषा

मनी मैनेजमेंट का मतलब धन प्रबंधन होता हैं। अपने भविष्य के लिए पैसों को जमा करना, और अपने आने वाले समय के लिए फ्यूचर प्लानिंग करना मनी मैनेजमेंट का ही उदाहरण हैं। अच्‍छे मैनेजमेंट से आप अपने कमाए हुए पैसे का सही उपयोग कर सकते हैं। पैसों को सही जगह इन्वेस्ट कर सकते हैं।

जिससे हमारे आने वाले समय में पैसा की समस्‍या नहीं होगा। मनी मैनेजमेंट से आप अपनी आमदनी के अनुसार अपने घर और सेविंग को मैनेज कर सकते हैं।

मनी मैनेजमेंट का तरीका

जैसा कि हम सभी जानते हैं, कि इनकम सोर्स सबका अलग अलग होता है। लेकिन मनी मैनेजमेंट का तरीका सबके लिए एक ही तरह का हो सकता हैं। 

  • खर्च पर नियंत्रण करें। 
  • पैसा बचाने का तरीका सीखे। 
  • पैसा का सही जगह पर उपयोग करें। 
  • अनावश्यक खर्च करने से बचें। 
  • रोज कुछ पैसों का बचत करें। 
  • पैसों को सही जगह पर इन्वेस्ट करें। 
  • पैसों का महत्व समझें। 

खर्च पर नियंत्रण करें

पैसा कमाने के साथ साथ खर्च पर भी नियंत्रण जरूर करना चाहिए। पैसा कमाने के लिए हम सब बहुत मेहनत करते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पैसा कमाने के बाद भी हम पैसा बचाने में असफल हो जाते हैं। क्‍योंकि अपने पैसों के खर्च पर नियंत्रण नही रख पाते हैं।

पैसा बचाने का तरीका सीखें

पैसे बचाने के लिए हम सभी को अपने खर्च पर नियंत्रण रखना चाहिए। जिस की ज्‍यादा जरूरत हो वहीं खरादना चाहिए। इसे पैसे बचाया जा सकता हैं।

पैसों का सही जगह पर उपयोग करें

पैसे का उपयोग सही जगह पर करना चाहिए। जैसे अनावश्‍यक गैर जरूरी समान खरीदने से पैसा का सही उपयोग किया जा सकता हैं।

पैसों को सही जगह पर इन्वेस्ट करें

आप अपने पैसों को सही जगह पर इन्वेस्ट करें। जहॉं से आगे चलकर आपके लिए फायदेमंद हो। ट्रेडिग,लाइफ इंश्योरेंस, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट आदि कर सकते हैं।

मनी मैनेजमेंट गाइड

मनी बहुत लोग कमाते होगें। लेकिन उनको मैनेज करना नही आता होगा। जिसके कारण वह मनी कमाकर जीवन नीति द्धारा खुशहाल नहीं रह पाते। लगातार मनी तो कमा रहे है। लेकिन उसका मैनेजमेंट सही तरीकाे द्वारा नही कर पा रहे है। कुछ ऐसे लोग होते है जो मनी कमाते है।

उसके बाद उसका लोन ही जमा करते चले जाऐगे। जिनको मनी तो मिलता होगा। लेकिन उसको सही से उपयोग नहीं कर पाते होगें। अब ऐसे मनी कमाई करने का क्या फायदा जिसको लगातार लोन जमा करने में उपयोग कर देते होगें। जिससे आपका कमाया हुआ मनी ब्याज चुकाने में चला जाएगा।

ऋण लेना होशियारी समझते होगें। बार-बार बैंक द्वारा ऋण लेते रहेगें। उसका उपयोग स्‍वयं कामों के लिए करते होगें। फिर वहीं लोन भरने के लिए कई गुना अधिक पैसा बैंक को देने पड़ेगें। फिर आपको लगता होगा कि ज्‍यादा कमाई करेंगे। तथा उसको मैनेज करेगे। कभी इसका आकलन जरूर करिए कि हम स्‍वयं जीवन में कितना मनी कमाए।

उससे कितना हमें लाभ प्राप्त हुआ। यदि एक बार उसको सही आकलन करेंगे, तो आपको पता चलेगा, कि स्‍वयं जीवन मे बहुत मनी का कमाई किया। लेकिन कितना अभी आपके पास कमाई किया हुआ मनी उपलब्ध हैं।जीवन में केवल पैसे कमाना ही बड़ी चीज नहीं, बल्कि उसको बेहतर तरीके से मैनेजमेंट करने भी आना चाहिए। इसीलिए मनी मैनेजमेंट सही तरीके करना जरूर सीखना चाहिए।

मनी मैनेजमेंट स्‍कील

ज्यादा कमाई या कम कमाई होगा उससे कोई ज्यादा फर्क नही पडेगा। क्योंकि जब मनी मैनेजमेंट के तहत स्‍वयं जीवन में खर्च नियंत्रण में करेंगे, तो आप कम कमाई में भी अपना मनी बेहतर मैनेज करेगें।

लेकिन यदि आप मनी बहुत ज्यादा कमाते हैं। फिर आपके पास मनी की कमी है। इसका मतलब कि आप अपने पैसों काे अच्छे से मैनेजमेंट नही कर रहे हैं। इसलिए जितना कमाते हैं उतना ही पैसा अच्छे मैनेजमेंट करना सीख ले। ज्यादा पैसे कमाना ही जीवन का लक्ष्य एकमात्र नहीं होना चाहिए। जितना कमाए उतना मे ही खुश रहना सीखिए। यह तभी संभव हो पाएगा, जब अपना मनी बेहतर मैनेज करेंगे।

आज के समय सरकार के द्वारा कई तरह के ऋण की सुविधा लोगों को दिया जा रहा है। जिससे बिजनेस शुरू करने का मौका मिलेगा। लेकिन आपको यह सोचना हैं कि एक बार हम ऋण लेते हैं, तो उस ऋण के पैसे सही तरीके से उपयोग करके हम अधिक से अधिक धन का कमाना शुरू करें। इसके बाद जब हम उस पूंजी द्वारा कुछ बैलेंस बना लेंगे। उसके बाद धीरे-धीरे हम ऋण भी जमा कर देंगे।

उसके बाद जब आपके पास कुछ पूंजी हो जाएगा, तो उस पूंजी द्वारा स्‍वयं व्यापार को धीरे-धीरे आगे बढ़ाएंगे। जिससे आपके पास मनी का एक अच्छा बैलेंस बन जाएगा। लेकिन बार-बार लोन लेकर स्‍वयं बिजनेस को आगे बढ़ाना सही नहीं होगा।

आप बैंक से ऋण लेकर बिजनेस को आगे बढ़ा सकते हैं। फिर आपको यह आकलन करना होगा कि जितना हम लोन इंटरेस्ट जमा करेगें। उससे अधिक यदि हम पैसे कमाएंगे। तब लोन ले कर भी अपने बिजनेस को आगे बढ़ा सकते हैं। यदि आप जो भी लोन का रकम उपयोग करेंगे। उससे अधिक आपको उसका ब्याज चुकाना पड़ेगा। तो फिर यह आपका सही मनी मैनेजमेंट नहीं है।

सारांश

वित्‍तीय प्रपंधन क्या है? मनी मैनेजमेंट का मतलब फाइनेंसियल स्थिति  को मजबूत करना हैं। जिसके लिए हम अपने पैसों को अलग-अलग भाग में डिवाइड करके उसका उपयोग करते हैं। जिसमें मुख्य रुप से पैसों को अपने भविष्य के लिए सही जगह पर इन्वेस्ट करते हैं। Terms & Condition

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